बो क्या उठाएंगे_तलबार
जिनके बाजूओँ मे दम नहीँ
बो क्या चलाएंगे गोली
जिनके सीने मे जोर नहीँ
काटते हैँ बेजुबान को
कभी हम से अड के देखो
खंजर भी तुम्हारा और टुकडे भी तुम्हारे
जाट हैँ हम शायद तुमको पहचान नहीँ
हम मौत को अपनी गौदी मे सहलाते है ईसलिये तो ( शेर ए जाट) कहलातै है
#JAT_MAFIA
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